क्या नही हो सकता हमारा प्यार पहले जैसा,
क्या नही भुला सकता तू वो अनचाही गलतियां?
हमारी महोब्बत का क्या होगा वो अंदाज,
जब हम फिर से मिलेंगे क्या होगा वो संसार?
क्या इतना जरूरी था ये बिछड़ना,
की तुझे कुछ याद ही ना रहा?
या हमारी तलाशें कुछ और हैं,
वो सवाल तू आज भी क्यों नहीं समझ पाया?
क्या इतने बेजार हो गए थे तुम,
की इतनी मिन्नते सुन ना पाए?
अरे जुदाई भी पहले अपनी खत और ईमेल की दिवानी थी,
या हमारी महोब्बत का कोई अधूरा सा सवाल है,
जिसका तुम जवाब आज भी नहीं दे पाए?
क्या इतना खोखला था प्यार हमारा,
की वापस लौट के आ ना सके तुम?
या अब भी है वो ताकत हमारी महोब्बत की,
जो हमें वापस मिलने के लिए जुटा रहती है हर दम?
डर मत चाहत है तू मेरी, अगर किसी और से हो गई,
तो क्या खाक तू महोब्बत है तू मेरी?
या अब भी है वो जज़्बा हमारी महोब्बत का,
जो बिना किसी शर्त के हमारे दिलों में बसी रही?
आज भी संजोए रखी हूँ मैं हमारी यादों को,
अगर भूलना होता तो इकरार ही क्यों करना था?
तू आज भी मेरे साथ होता तो तू क्या कहता,
क्या तू भी ये यादें अपने दिल में छुपाकर रखता?
आज भी उसी जगह जाकर हमारी यादों को ताजा करती हूँ,
जहा हमने हमेशा साथ जाने का वादा किया था।
क्या तू भी ये यादें वहीं से उठाकर लाता है,
और दिल को बेचैनी से भर देता है वो प्यार और बिछड़ने का दर्द?
माना थोड़ा सख्त हो चुका है तू,
मगर महोब्बत है कुबूल कर चुका है तू।
या, क्या तू भी मेरी तरह अपने दिल में महोब्बत दर्द छुपा कर रखता है?
बहुत हो चुका ये दूरियों का सफर,
चल फिर एक होके अपने प्यार की मिसाल हर शख्स को बताते है।
थोड़ा अब मैं भी बदल चुकी हूँ,
थोड़ा तू भी संभल के संभाल ले।
इस अजनबी दुनिया में रहना सीख चुकी हु तेरे बगैर,
क्या अब तू मानता है जीना सीख चुकी हु मैं?
अगर हां, तो चल फिर वही तारीख लाते है,
महीना चाहे जो भी हो, प्यार हमारा साथी हो,
और हमारे बिछड़न की ना कोई गुंजाइश हो।
आज भी याद करती है मेरी झुमका, बिंदी, और काजल तुझे,
बोलती है नहीं आया हमारी तारीफ करने वाला वो शख्स।
क्या तू भी मेरी इस झलक को अपनी यादों का हिस्सा बना लेता है?
खत्म करते है दूरियां, मन नहीं करता क्या तेरा?
चल फिर वही मैं और तू बनते है जो अनंत तक चलने के आदि थे।
क्या तू कभी फिर वही में तुम वाले रिश्ते को याद कर सकेगा,
या मैं ही सिर्फ तेरी आस लगाए आरी उम्र यूंही गुजर दू?
अब तो बहुत समय बीत चुका फैसला सुना दे,
क्या आज भी हमारी महोब्बत है जिंदा दिल मैं तुम्हारे?
बस, ये एक दिल का सवाल है,
क्या हम फिर से उन लम्हों की तरफ बढ़ सकते हैं,
जब हम एक-दूसरे के साथ थे और दुनिया के सारे सवालों का जवाब थेl
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